एक ऐसे शख्स जिनसे मोदी और अमित शाह भी लेते हैं सलाह।

 

जी हां हम बात कर रहे हैं मुख्य कानूनी कार्यवाही का पदभार संभालने वाले अफसर तुषार मेहता के बारे में जो बीजेपी सरकार में एक मास्टर स्ट्रोक की तरह उभर कर आए हैं।



प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के लिए तुषार मेहता बीजेपी सरकार में एक मास्टर स्ट्रोक की तरह उभर कर बाहर आए हैं। बीते हफ्ते हमारे देश के सबसे बड़े और मुख्य कानूनी अफसर का कार्यभार संभाल रहे तुषार मेहता पर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस(TMC) ने कहा है, सॉलीसीटर जनरल मेहता नारद मामले में दूसरा पक्ष शुभेंदु अधिकारी से मिले हुए हैं। जबकि तुषार मेहता खुद ही इस केस में केंद्रीय एजेंसी के वकील के रूप में कार्यरत है। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) के नेताओं द्वारा उन पर पक्षपाती रवैया अपनाने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी तरफ तुषार मेहता ने पक्षपाती वाली बात को नकारते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी उनसे मिलने जरूर आए थे, परंतु उस वक्त वे अपने घर में उपस्थित नहीं थे। यही वजह है कि उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।









कई बड़े नेताओं की कर चुके हैं वकालत:-




प्रधानमंत्री मोदी के लिए 55 वर्ष के तुषार मेहता बीजेपी सरकार में एक मास्टर स्ट्रोक की तरह उभर कर बाहर आए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए और भारतीय जनता पार्टी के बचाव में कई तरह का योगदान दिया है चाहे वह योगदान कोर्ट के कामकाज में हो या फिर चुनावी रणनीति बनाने में। तुषार मेहता कई नामी-ग्रामी चेहरे को कोर्ट के चक्कर से बचा चुके हैं जिसमें से सबसे मुख्य नाम भारत के पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम का है। मेहता से मोदी और शाह भी सलाह लेना नहीं भूलते।












कॉन्ग्रेस के साथ शुरु किये थे करियर की शुरुआत:-



गुजरात राज्य के जामनगर के रहने वाले तुषार मेहता 12 वर्ष के उम्र में अपने पिता के चल बसने के कारण वे अहमदाबाद चले गए थे। वर्ष 1987 में अहमदाबाद के एल ए शाह लॉ कॉलेज से उन्होंने लॉ की पढ़ाई की। मौजूदा वक्त में उन्हें लोग प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह जैसे बड़े नेताओं के वकील के रूप में पहचानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि तुषार मेहता ने अपने करियर की शुरुआत एक कांग्रेस नेता के साथ की थी। वह थे गुजरात हाई कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट कृष्णकांत वखारिया जोकि कोऑपरेटिव सोसाइटी के कानूनी एक्सपर्ट के रूप में कार्यरत थे।

वर्ष 2000 से जुड़े है अमित साह से:-












कृष्ण कांत वखारिया के अनुसार "तुषार मेहता हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करना चाहते थे। उनकी समझ और मेहनत को देखते हुए उन्होंने पहला मौका दिया।" वर्ष 2000 में तुषार मेहता को अहमदाबाद जिला कोऑपरेटिव बैंक में काम करने का मौका मिला था। उस समय अमित शाह इस सोसाइटी के अध्यक्ष थे। वखारिया ने कहा कि “इसके बाद ही मेहता और शाह अच्छे दोस्त बन गए थे। क्योंकि वे साथ में कई घंटों तक याचिकाओं पर बातचीत करते थे। आपको बता दें कि तुषार मेहता ने अमित शाह का गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव से जुड़ा केस भी ल ड़ चुके हैं।

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